नेपाल के काठमांडू में अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किए गए 122 चीनी नागरिकों को नेपाल से चीन भेजने की शुरुआत आज से हो चुकी है। 88 चीनी नागरिकों को नेपाल सरकार ने अपने खर्च से चीन भेज दिया है। अन्य बचे चीनी नागरिक बृहस्पतिवार को चीन भेजे जाएंगे। इनमें से 67 चीनी नागरिकों के पास पासपोर्ट भी नहीं था। मिली जानकारी के मुताबिक नेपाल सरकार की यह अब तक की चीन के नागरिकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई है। जानकारी के अनुसार काठमांडू के तारकेश्वर नगर पालिका एक मैनमैजू, बांसबारी, बूढ़ा, नीलकंठ 122 चीनी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। इन पर आरोप था कि यह लोग साइबर साल क्राइम करते है। जांच पड़ताल में इनके पास से 747 मोबाइल, 331 लैपटॉप, 18 सीपीयू, 19 मॉनीटर, 22 पेनड्राइव, 327 सिमकार्ड एवं 67 पासपोर्ट मिले थे।विभाग सूचना अधिकारी रामचन्द्र तिवारी ने बताया कि नेपाल स्थित चीनी दूतावास के परामर्श के बाद इन्हें चीन भेजने की तैयारी की जा रही थी।
उन्होंने कहा कि जांच पड़ताल में 67 लोगों के पास ही केवल पासपोर्ट मिले थे जिनके पास पासपोर्ट नहीं थे। उनका अलग से कागजात बनाने के लिए चीनी दूतावास से संपर्क किया गया था। और इनके खिलाफ अभद्र व्यवहार व साइबर क्राइम का केस दर्ज कर रविवार को जिला प्रसाशन कार्यालय काठमांडू में पेश किया गया था। सुनवाई के दौरान प्रति व्यक्ति एक हजार अर्थ दंड लगाते हुए हिरासत से मुक्त कर दिया था। साथ ही उन्होंने बताया कि वीजा समाप्त होने पर विदेशी नागरिकों को देश से निकालने का खर्च सरकार की उठाती है। ऐसे में 122 चीनी नागरिकों का खर्च भी सरकार उठा रही है। इनमें 88 चीनी नागरिकों को नेपाल से चीन भेज दिया गया है।